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सांझी विसर्जन को उमड़ी आस्था, नहर में पानी न मिलने से छलकी नाराजगी

पूर्वी यमुना नहर में पानी की कमी से श्रद्धालुओं की बढ़ीं मुश्किलें, मजबूरी में ठहरे पानी में करना पड़ा देवी प्रतिमाओं का विसर्जन

On: October 20, 2026 2:00 PM
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HIGHLIGHTS

- अष्टमी-नवमी पूजन के बाद सांझी विसर्जन को पहुंचे श्रद्धालु, नहर में पानी न देखकर हुए मायूस

- कैराना और झिंझाना रोड स्थित नहर पुल पर पहुंचे श्रद्धालुओं को उठानी पड़ी परेशानी

- नहर में बहाव नहीं, जगह-जगह ठहरा मिला पानी; श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी

- नितिन और दीपक शर्मा ने उठाए सवाल, धार्मिक आयोजनों के दौरान नहर में पर्याप्त पानी की मांग

शामली। शारदीय नवरात्र के समापन पर सोमवार को सांझी विसर्जन के लिए पूर्वी यमुना नहर पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था को उस समय निराशा का सामना करना पड़ा, जब नहर में पर्याप्त पानी ही नहीं मिला। अष्टमी-नवमी पूजन के बाद देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंचे श्रद्धालु नहर की स्थिति देखकर मायूस हो गए। पानी का बहाव नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को मजबूरी में जगह-जगह ठहरे हुए पानी में ही सांझी का विसर्जन करना पड़ा। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। उन्होंने धार्मिक पर्वों के दौरान नहर में पर्याप्त पानी छोड़े जाने की मांग उठाई।

जानकारी के अनुसार, शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन घटस्थापना के साथ ही घरों में माता रानी की प्रतिमा के प्रतीक स्वरूप सांझी की स्थापना की जाती है। नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद अष्टमी और नवमी पर सांझी विसर्जन की परंपरा निभाई जाती है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के सदस्यों के साथ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन करने कैराना और झिंझाना रोड स्थित पूर्वी यमुना नहर पुल पर पहुंचे। लेकिन नहर में पानी का स्तर बेहद कम होने और बहाव नहीं मिलने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ठहरे पानी में विसर्जन करने को हुए मजबूर

श्रद्धालुओं का कहना था कि नवरात्र जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व पर नहर में पर्याप्त पानी की व्यवस्था होनी चाहिए थी। नहर में जगह-जगह पानी ठहरा हुआ था, जिसके चलते श्रद्धालुओं को उसी में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन करना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने नहर की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की।

धार्मिक पर्वों पर पानी की व्यवस्था करने की मांग

श्रद्धालु नितिन और दीपक शर्मा ने बताया कि सांझी विसर्जन के लिए पूर्वी यमुना नहर पहुंचे थे, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने से काफी परेशानी हुई। मजबूरन रुके हुए पानी में ही देवी प्रतिमाओं का विसर्जन करना पड़ा। उन्होंने मांग की कि भविष्य में नवरात्र और अन्य धार्मिक आयोजनों के अवसर पर नहर में पर्याप्त जलप्रवाह सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को विसर्जन के दौरान परेशानियों का सामना न करना पड़े।

Sudhir Chaudhary

निर्भीक दृष्टि, निष्पक्ष विचार, सच की बुलंद आवाज़। संकल्प - जनहित सर्वोपरि, अन्याय से संघर्ष। ‘सत्यमेव जयते’ - सत्य का साहस, सम्मान का संकल्प, अस्तित्व की जंग।

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