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शामली में अनुशासन और एकता का संदेश लेकर निकला आरएसएस का पथ संचलन, पुष्पवर्षा से स्वागत

संघ के शताब्दी वर्ष एवं विजयदशमी पर भव्य आयोजन, मुख्य वक्ता दिवाकर ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का किया आह्वान

On: October 20, 2026 7:18 PM
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HIGHLIGHTS

 

- वीवी इंटर कॉलेज से शुरू हुआ पथ संचलन, शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे स्वयंसेवक

- राष्ट्रजीवन में अनुशासन, सेवा और सामाजिक एकता की भावना जागृत करने पर दिया जोर

- भगवान श्रीराम के जीवन से मर्यादा, कर्तव्य और त्याग की प्रेरणा लेने का किया आह्वान

- संघ के शताब्दी वर्ष पर संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश, जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत

शामली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष एवं विजयदशमी पर्व के उपलक्ष्य में मंगलवार को शहर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। अनुशासन और संगठन की भावना के साथ निकले स्वयंसेवकों का विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इससे पूर्व आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज को संगठित करने, राष्ट्रजीवन में सेवा और अनुशासन की भावना जागृत करने तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

शहर के वीवी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दिवाकर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विजयदशमी पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है, जबकि मां दुर्गा का स्वरूप अन्याय एवं अधर्म के विरुद्ध खड़े होने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में विजयदशमी के अवसर पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। उनका उद्देश्य समाज को संगठित करने के साथ व्यक्ति निर्माण तथा राष्ट्रजीवन में अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करना था। संघ अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है।

शाखा से मिलता है अनुशासन और सामाजिक दायित्व का संस्कार

मुख्य वक्ता दिवाकर ने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है। शाखा में स्वयंसेवक केवल व्यायाम और खेलकूद ही नहीं सीखते, बल्कि समय का पालन, सामूहिक कार्य, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना भी सीखते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

शहर के विभिन्न मार्गों से निकला पथ संचलन

कार्यक्रम के बाद वीवी इंटर कॉलेज परिसर से स्वयंसेवकों का पथ संचलन शुरू हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः कॉलेज परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ। रास्ते में अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया। पथ संचलन के माध्यम से संगठन, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष कैप्टन अनिल कुमार, भूपेंद्र, आदेश कुमार, शंकर चौहान, सतपाल, मुकुल कुमार, आशीष कुमार, मलूकचंद, नंदकिशोर, अमित और मोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।

Sudhir Chaudhary

निर्भीक दृष्टि, निष्पक्ष विचार, सच की बुलंद आवाज़। संकल्प - जनहित सर्वोपरि, अन्याय से संघर्ष। ‘सत्यमेव जयते’ - सत्य का साहस, सम्मान का संकल्प, अस्तित्व की जंग।

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