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किसान के बेटे राघव ने एनडीए में हासिल की 34वीं रैंक, जनपद का बढ़ाया मान

जसाला निवासी राघव चौहान का एनडीए टेक्निकल में चयन, बचपन से था सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना, परिवार में खुशी का माहौल

On: October 23, 2026 6:07 AM
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HIGHLIGHTS

- कांधला क्षेत्र के गांव जसाला निवासी राघव चौहान ने हासिल की बड़ी सफलता
- शामली में प्रारंभिक शिक्षा के बाद बेंगलुरु के सैनिक स्कूल में की पढ़ाई
- कड़ी मेहनत और लगन से हासिल किया मुकाम, बचपन से था सेना में जाने का जुनून
- बेटे की सफलता पर माता-पिता गदगद, दादा-दादी की खुशी का नहीं रहा ठिकाना

कांधला। कहते हैं कि सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत जरूरी होती है। इसे सच कर दिखाया है क्षेत्र के गांव जसाला निवासी किसान के बेटे राघव चौहान ने। राघव ने एनडीए टेक्निकल में चयनित होकर 34वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे जनपद का मान बढ़ा है। बचपन से ही सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना देखने वाले राघव ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर सफलता हासिल की है। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल है।

गांव जसाला निवासी सुधीर चौहान के पुत्र राघव चौहान का बचपन से ही सेना में जाने और देश की सेवा करने का सपना था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया। राघव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शामली के एक निजी स्कूल से प्राप्त की। कक्षा दस उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने माता-पिता से सैनिक स्कूल में आगे की पढ़ाई करने की इच्छा जताई।

माता-पिता की सहमति मिलने पर राघव बेंगलुरु स्थित सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने चले गए। वहां उन्होंने पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और एनडीए टेक्निकल में 34वीं रैंक हासिल कर उन्होंने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

राघव की मां वंदना कसाना ने बताया कि उनके बेटे के मन में बचपन से ही देशभक्ति की भावना थी। वह छोटी उम्र से ही सैनिक बनकर देश की सेवा करने की बातें किया करता था। सेना में जाने का उसका सपना था और उसी लक्ष्य को लेकर उसने अपनी तैयारी जारी रखी। बेटे की सफलता से परिवार बेहद खुश है।

राघव के पिता सुधीर चौहान खेती करने के साथ ही देहरादून में रहकर अपना निजी कार्य भी करते हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। राघव के दादा भीम सिंह और दादी भी पोते की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं।

राघव की इस उपलब्धि ने गांव जसाला और कांधला क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

Sudhir Chaudhary

निर्भीक दृष्टि, निष्पक्ष विचार, सच की बुलंद आवाज़। संकल्प - जनहित सर्वोपरि, अन्याय से संघर्ष। ‘सत्यमेव जयते’ - सत्य का साहस, सम्मान का संकल्प, अस्तित्व की जंग।

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