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28 साल पुराने शस्त्र अधिनियम के मामले में फैसला

दो अलग अलग मामलों में 3100 रुपये का जुर्माना

On: October 24, 2026 6:21 AM
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HIGHLIGHTS

- वर्ष 1998 के शस्त्र अधिनियम के मामले में इंतजार को तीन दिन के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा

- वर्ष 2024 के जी एक्ट के मामले में बाबरी निवासी खालिद पर लगाया सौ रुपये का जुर्माना

शामली। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत न्यायालयों में शामली पुलिस की प्रभावी पैरवी से दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा सुनाई गई है।

शुक्रवार को एसीजेएम कैराना की अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया। पहला मामला वर्ष 1998 का है, जिसमें कांधला थाना क्षेत्र के गांव गंगेरू निवासी इंतजार पुत्र यूनुस के खिलाफ कैराना कोतवाली में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 में अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन था। पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने इंतजार को दोषी मानते हुए पूर्व में जेल में बिताई गई तीन दिन की अवधि के कारावास तथा तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं दूसरा मामला बाबरी थाना क्षेत्र से संबंधित है। वर्ष 2024 में बाबरी निवासी खालिद पुत्र नजाकत के खिलाफ थाना बाबरी में धारा 13 जी एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया था। इस मामले में भी शामली पुलिस की ओर से न्यायालय में पैरवी की गई। शुक्रवार को एसीजेएम कैराना की अदालत ने खालिद को दोषी ठहराते हुए सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

Sudhir Chaudhary

निर्भीक दृष्टि, निष्पक्ष विचार, सच की बुलंद आवाज़। संकल्प - जनहित सर्वोपरि, अन्याय से संघर्ष। ‘सत्यमेव जयते’ - सत्य का साहस, सम्मान का संकल्प, अस्तित्व की जंग।

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