शामली। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शुक्रवार को गन्ना लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने तथा बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराने की मांग उठाई। इस दौरान भाकियू पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की।
शुक्रवार को भाकियू के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में गन्ना लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान एसआईआर प्रक्रिया और किसानों के लंबित गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
इस अवसर पर भाकियू जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में पर्याप्त पारदर्शिता के बिना नाम हटाए जाने से बड़ी संख्या में नागरिकों के मताधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
भाकियू ने ज्ञापन में दावा किया कि मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार बहाल किए जाने चाहिए। संगठन ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।

जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी ने कहा कि एसआईआर के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ नई दिल्ली में भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए दिल्ली पुलिस तथा भाजपा और आरएसएस से जुड़े कुछ तत्वों पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों एवं अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित रूप से बिना उचित कारण नजरबंद किए जाने पर भी सवाल उठाए।
वहीं, किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद भाकियू पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
इस दौरान हरीश चौधरी, कविता चौधरी, विकास कुमार, दीपक शर्मा, मिंटू, इमरान, विनोद चौहान, गौतम पंवार, नीलू, संदीप जावला और अमित पंवार सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।






