शामली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शामली जिले के कद्दावर नेता, पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष और भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य हरवीर मलिक ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कह दिया। हरवीर मलिक ने लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ पूर्व सांसद राजपाल सैनी सहित कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
जानकारी के अनुसार भाजपा के दिग्गज नेता व भाजपा युवा मोर्चा के क्षेत्रीय एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हरबीर मलिक ने शुक्रवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण की। हरवीर मलिक के सपा में जाने को भाजपा के लिए एक बडा झटका माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, हरवीर मलिक पिछले काफी समय से स्थानीय स्तर पर पार्टी के फैसलों से असंतुष्ट चल रहे थे। बीते विधानसभा चुनाव में शामली और थानाभवन सीटों से उनकी प्रबल दावेदारी थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। हाल ही में शामली के सांगठनिक फेरबदल में भी जिलाध्यक्ष पद के लिए उनके नाम की अनदेखी की गई। स्थानीय भाजपा संगठन के साथ उनकी तल्खी इतनी बढ़ गई थी कि शामली भाजपा जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप द्वारा उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं।

हरबीर मलिक को कारण बताओ नोटिस जारी
शामली। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष डा. रामजीलाल कश्यप ने पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरबीर मलिक को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिलाध्यक्ष द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि पिछले 4-5 महीनों से हरबीर मलिक की रीति-नीति और गतिविधियां पार्टी के सिद्धांतों, नीतियों और अनुशासन के विपरीत पाई जा रही हैं। इसे पार्टी अनुशासन के उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है। पत्र के माध्यम से उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के कारण क्यों न उन्हें भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए।






