कैराना। क्षेत्र के गांव कंडेला स्थित औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से कथित रूप से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। शाम के समय कैराना लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन धरनास्थल पर पहुंचीं और आंदोलनरत ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। स्वच्छ हवा और पानी प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। प्रशासन को जनहित में ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
शुक्रवार शाम सांसद इकरा हसन शामली-कैराना मार्ग पर कंडेला बस स्टॉप के निकट चल रहे धरने में पहुंचीं। उन्होंने धरनारत ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। सांसद ने कहा कि किसी भी प्रकार का प्रदूषण मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे गंभीर विषय पर प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं है। आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि कंडेला, हिंगोखेड़ी, शेखूपुरा, जगनपुर, ऐरटी, मन्नामाजरा और बलवा गुजरान समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में संचालित कुछ फैक्ट्रियां प्रदूषण संबंधी नियमों की अनदेखी कर रही हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। ग्रामीण फैक्ट्रियों से होने वाले कथित प्रदूषण की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इससे एक दिन पूर्व भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान भी धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को अपना समर्थन दे चुके हैं। अब सपा सांसद इकरा हसन के धरने में पहुंचने से आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला है।
इस दौरान वैसर प्रधान, रोहित चौहान, अतुल चौहान, मोहित चौहान, आशु कुमार, निशांत चौहान, राहुल चौहान, मोनू चौहान, अमित चौहान, शिवम चौहान, अमरीश कोरी, राजेंद्र चौहान और विकास चौहान समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।






