शामली। उत्तर प्रदेश आशा एवं संगिनी कर्मचारी संघ के बैनर तले आशा संगिनी और आशा कार्यकत्रियों का कार्य बहिष्कार शनिवार को 17वें दिन भी जारी रहा। कार्यकत्रियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना देते हुए भूख हडताल भी की। उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री से आशा संगिनियों की मांगों को पूरा करने की मांग की है।
पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहीं आशा संगिनियों का सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार शनिवार को भी जारी रहा। कार्यकत्रियों ने प्रदेश शासन द्वारा कोई सुनवाई न किए जाने और आशा संगिनियों के आन्दोलन की सुध न किए जाने से आक्रोशित होकर भूख हडताल शुरू कर दी है। संघ की जिलाध्यक्ष डोली चौधरी ने कहा कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने आशा और आशा संगिनी कार्यकत्रियों का मानदेय 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की। इसके अलावा यात्रा के दौरान होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई, सभी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र जारी करने और आपातकालीन स्थिति में काम करने पर 700 रुपये प्रतिदिन मानदेय देने की मांग उठाई। संघ ने पिछले 80 दिनों के बकाया मानदेय का भुगतान कराने की भी मांग की है। कार्यकत्रियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर पूनम, पूजा, मुनेश, ओमवती, तारावती, गीता, नरेशो, नफीसा, जमीला, रोजी, मुनेश, राजेश, अनीता, डोली, रेखा, सीमा, बबीता, बबली, अंजू, पिंकी, सीता आदि मौजूद रही।






