कैराना। औद्योगिक इकाइयों से फैल रहे कथित प्रदूषण के खिलाफ कण्डेला में ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और रसायनों के कारण हवा एवं भूजल प्रदूषित होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदूषण की समस्या का ठोस समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
कैराना ब्लॉक क्षेत्र के गांव कण्डेला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों के खिलाफ मंगलवार से ग्रामीणों ने धरना शुरू किया था। शामली-कैराना मार्ग पर कण्डेला बस स्टॉप के निकट चल रहे धरने में कण्डेला, हिंगोखेड़ी, शेखूपुरा, जगनपुर, ऐरटी, भूरा, मन्नामाजरा, बलवा गुजरान और ब्रह्मखेड़ा समेत आसपास के गांवों के लोग शामिल हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और रासायनिक अपशिष्ट क्षेत्र के पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है। इससे स्वच्छ हवा और पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग से लेकर प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
मानकों के अनुरूप फैक्ट्रियां चलाने की मांग
धरनारत ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों को बंद कराना नहीं, बल्कि निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है। उन्होंने प्रशासन से फैक्ट्रियों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि केवल आश्वासन से धरना समाप्त नहीं होगा। समस्या का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बुधवार को धरनास्थल पर अमित चौहान, राहुल चौहान, आशु कुमार, अमरीश कुमार, संजू मास्टर, सूरज चौहान, मोनू कुमार, रजत शर्मा, मोनू चौहान, गुरदीप चौहान, अनिल चौहान, अंकित चौहान और सुमित समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।






