कैराना। अवैध हथियार रखने के मामले में शामली पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने एक अभियुक्त को पांच माह के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बहावड़ी निवासी यशवीर मलिक पुत्र ओमपाल सिंह के विरुद्ध वर्ष 2026 में आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में कोतवाली शामली पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
मामले में पुलिस की ओर से न्यायालय में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप बुधवार, 21 अक्टूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अभियुक्त यशवीर मलिक को दोषी ठहराते हुए पांच माह के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को सात दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी न्यायिक पैरवी के तहत शामली पुलिस ने यह कार्रवाई की है।






